अपना-पराया

​हमारे अपने ही हमें सबसे ज्यादा सताते हैं,

पराये तो जूठा प्यार आसानी से जताते हैं!

© आरती परीख १८.८.२०१७

मधुर मिलाप

आज

९ साल होने जा रहे हैं…
अब

आदत बन गई

हररोज

चेटिंग की..
दिन गुजरते गए…
न जाने 

कितनी आदतें

कितने विचार

मिलते जुलते नीकलते गए…
अलग देश

अलग धर्म

अलग भाषा
फिर भी,
हम

ऐसे ही मील गए थे

फेसबुक पर
अब

हररोज मिलने लगे

वोत्सेप पर….!

© आरती परीख १८.८.२०१७