गृहिणी

रात या दिन
मनदिप जलाती
घर की लक्ष्मी

घरआंगन
कुमकुम कदम
खुशियां छाई

संस्कार दैन
कुलवधु के नैन
जीवन चैन

मीठें दो बोल
प्यार  संस्कार तोल
वधु का मोल

रण या वन
संस्कारी कुलवधु
हो उपवन

पिसती रही
गन्ने की तरह ही
ये गृहिणीयां

बहू के पांव
बुजुर्गों की जबान
कभी न थके

घुमती रहे
गृहिणी चुपचाप
परछाई सी

गृहिणी देखें-
खुद का प्रतिबिंब
बोन्साई ट्री में
©आरती परीख २५.२.२०२१

जिंदगी

स्त्री देख रही
खुद का प्रतिबिंब
बोन्साई ट्री में
~~~~
સ્ત્રીને દેખાય
પોતાનું પ્રતિબિંબ
બોન્સાઇ ટ્રી માં

  • આરતી પરીખ ૧૫.૨.૨૦૨૧

Valentine Day

वेलेंटाइन
स्मार्ट फोन में कैद
प्यार की बातें
♥️♥️♥️♥️
बिकते देखें
लाल गुब्बारे फूल
गली नुक्कड़
♥️♥️♥️♥️
प्रेम का पर्व
उंचे दाम बिकते
प्रेम प्रतीक
©आरती परीख १४.२.२०२१

मकान

संभाल कर रखी है
सातबारा उतारा में
घर की ख्वाहिश!

  • आरती परीख १४.२.२०२१

शिशिर धूप

आंगन बैठी
गरमाहट देती
मृदु सी धूप

  • आरती परीख २८.१.२०२१

सर्द हवाएं

चूमती फिरें-
कातिल सर्द हवा

गाल गुलाबी

~~

कातिल हवा

बिना फूंके सिगार-

मुँह से धुआं

~~

शिशिर रात

दहशत दे फिरें-

कातिल हवा

~~

कातिल हवा

चकनाचूर करें-

रवि का अहं

~~

आलस्य देती-

आंगन में नाचती

कातिल हवा

©आरती परीख २२.१.२०२१