शिशिर धूप 

नदियाँ नाली

धूप चूनर ओढे

अँगडाई ले

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कातिल हवा

काँपे गाँव-शहर

धूप ही दवा

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शिशिर धूप

नदियाँ में न्हान

आरती दीप

_आरती परीख ३०.११.२०१६