સ્નેહી

મુશ્કેલ પળો
વીણી ચૂંટીને લાવે
આપ્તજનને
©આરતી પરીખ ૧૨.૬.૨૦૧૮

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जाग उठा

यारा; जीवन में दिनबदिन संघर्ष बढने लगा है,
समझलो; बरसों से सोया ईन्सान जाग उठा है!
©आरती परीख १२.६.२०१८

ભીતર

નીખરી ઊઠી
નિજ પરિક્ષણથી
ભીતરી ભાત
©આરતી પરીખ ૧૧.૬.૨૦૧૮

વિયોગ

ચમકી રહ્યા
ચાંદ, તારા, હું ને તું
ક્ષિતિજ વચ્ચે
©આરતી પરીખ ૧૧.૬.૨૦૧૮

पहचान

भागते फिरें
पहचान ढूंढते
मानव मात्र
©आरती परीख ११.६.२०१८

पहचान

समय के साथ पडछाई को तो कद बदलना पडता है,
ईसी वजह से हम अपनी छोटीसी पहचान से संतुष्ट हैं।
©आरती परीख ११.६.२०१८

Don’t run after Famous personality..

Be Confident and make your personality unique.

फूल-पुष्प

सांज ढलते
धवल पुष्प खिले
चमका नभ
*****
फूल-पत्तियाँ
छूप्पाछूप्पी में मस्त
धूप के संग
*****
मुरझाई सी
फूल पत्तियां शाखा
धूप लहर
*****
फूल पत्तियां
निशा की आगोश में
ओंस का स्नान
*****
सूरज लाल
फूल पत्ते नहाते
ओंस बूंदों से
*****
बसंत रुप
फूलों पर नाचती
मृदु सी धूप
*****
शिशिर ऋतु
लाल गुलाबी फूल
डोरे डालते
*****
बच्चें बनाते
रेत लकीरें खींच
बसंत फूल
*****
सूर्य किरण
पेड़पौधोंको चूमे
मुस्काये फूल
*****
सूरज तेज़
खिलखिलाते फूल
हंसी उड़ाते
©आरती परीख