Archives

मौन

निगल गई
रिश्तों की गहराई
चुप्पी कि खाई
_आरती परीख १२.७.२०१९

Advertisements

ख्वाहिश

सूर्य जो ढला
सूर्य सा ख्वाब लिए
जूगनु जला
©आरती परीख १२.७.२०१९

સ્નેહાળ

ખાલીપો આંજી
વિરહીણીની આંખો
સ્નેહ ઝરતી
©આરતી પરીખ ૧૦.૭.૨૦૧૯

शिष्टाचार

ताकत तोडें
तमीज से जुड़ते
रिश्ते-नाते
©आरती परीख ४.७.२०१९

बिमारी

माँग बढाये
दवा; दवाखानों का
अषाढ़ी हवा
_आरती परीख

जवाँ

बारिश हुई
तरोताज़ा हो गई
पूरानी याँदे
©आरती परीख ३०.६.२०१९

लगाव

घर समेटा
अपनेआप को ही
बिखेर आई
_आरती परीख