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राज

न तीर से,
न तलवार से,
न तेवर से,
हमें तो..
सबके ❤ में
राज करना है;
संस्कार से,
सभ्यता से,
सरलता से।
©आरती परीख १६.१.२०१९

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देखते रहो..

साल तो बदल गया..
चलो,
अब
सालभर
अपने ही
लोगों को
बदलते हुए देखते है!
🤔🤔
~आरती परीख

अंदाज़

अपने
अंदाज़ से
कुछ कुछ
नजर अंदाज़
करते गए…

मजेदार
हो गई…

यही जिंदगी।

Think Positive

बदला नहीं पर बदलाव के बारे में सोचते है,
चलो; हर एक संबंध में कुछ अच्छा खोजते है।
©आरती परीख

जिंदा है..

ठोकर खाये,
गिरना..
उठना..
फिर से,
चलते ही रहना..
“जिंदा है।”
_पूरवार करने का
यही है
सबूत!
©आरती परीख २७.११.२०१८

ख्वाहिश

ख्वाहिश का क्या है?!
अपने घर की ही
फसल है।
.
.
एक बोई
न पूरी हुई..
.
कोई गल नहीं।
.
आज रात फिर
नये ख्वाब सजेंगे..
एक और नयी ख्वाहिश के साथ
खुशनुमा सुबह का लुत्फ उठायेंगे।
©आरती परीख २९.१०.२०१८

मूल्य

एकदम सीधा सादा जीवन
जैसे सीधी रेल की पटरी।
पर,
सराहना तभी हुई
जब
एकदम सीधी लकीर दिखाई दी
उसके
कार्डियो ग्राम में!
©आरती परीख 8.१०.२०१८