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मस्तानी

हमदर्द कैसे मिले?!
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जब देखो तब,
हम
खुशीयाँ
बांटते…
बटोरते…
ही फिरे!
©आरती परीख १४.२.२०१८

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Valentine’s Day

वेलेंटाइन
स्मार्ट फोन में कैद
प्यार की बातें
©आरती परीख १४.२.२०१८

कुशल स्त्री/गृहिणी

पहले बाबा (पप्पा)
फिर पति
और
दुनिया की नज़र में
नसीबदार है
तो,
अंत में बेटा..
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इन सब की
अनुमति के अनुसार
अपनी ख्वाहिशों को
तोड़-मरोड़ कर….

जीवन सागर में
स्नेह की सरिता बन पाये….

आज भी,

समाज की नज़र से देखो तो,

वो ही है…..
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कुशल स्त्री (गृहिणी)!
©आरती परीख ११.२.२०१८

ખોખલું

આ જાત ખાતર જ નિભાવી રહ્યા,
સંબંધમાં જ્યાં હિસાબો જ રહ્યા!
©આરતી પરીખ ૮.૨.૨૦૧૮

जीवन मंत्र

कुछ अपेक्षा के बग़ैर ही; हमने प्यार करना सीख लिया,
गिला शिकवा छोड़ छाड़ के; सबको अपना बना लिया।
© आरती परीख २९.१.२०१८

खुशहाल

किसी के साथ होने न होने से क्या होता है?!
खुद से खुश रहे तो सबकुछ ठीक होता है!
© आरती परीख २३.१.२०१८

ग़ज़ल

आज हमारी ग़ज़ल हमसे ही रूठ गई,
क़लम से अनगिनत ग़ज़लें टपक गई!
© आरती परीख २२.१.२०१८