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गुलदस्ता

गुलदस्ते मैं सजे हुए फूलों जैसी ही है अपने जीवन की दास्तान…

जब तक सुंदरता है, महेंक है..

तब तक सब लोग ईर्दगिर्द घुमते मिलेंगे।

_ आरती परीख

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बात

साफ मन से लिखती हूं,
लगे भले ही कडवी
पर
सच्ची बात लिखती हूं,

सरल शब्दों में,
हर दिल को छू जाए..
ऐसी बात लिखती हूं।
~ आरती परीख
११.३.२०१९

मधूर

दिल की कहे तो; सब रिश्ते आधे अधूरे ही है,

कहीं प्यार जिँदा है; इसलिए आधे भी मधूरे है।

©आरती परीख १०.२.२०१९

राज

न तीर से,
न तलवार से,
न तेवर से,
हमें तो..
सबके ❤ में
राज करना है;
संस्कार से,
सभ्यता से,
सरलता से।
©आरती परीख १६.१.२०१९

देखते रहो..

साल तो बदल गया..
चलो,
अब
सालभर
अपने ही
लोगों को
बदलते हुए देखते है!
🤔🤔
~आरती परीख

अंदाज़

अपने
अंदाज़ से
कुछ कुछ
नजर अंदाज़
करते गए…

मजेदार
हो गई…

यही जिंदगी।

Think Positive

बदला नहीं पर बदलाव के बारे में सोचते है,
चलो; हर एक संबंध में कुछ अच्छा खोजते है।
©आरती परीख