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मौन

निगल गई
रिश्तों की गहराई
चुप्पी कि खाई
_आरती परीख १२.७.२०१९

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ख्वाहिश

सूर्य जो ढला
सूर्य सा ख्वाब लिए
जूगनु जला
©आरती परीख १२.७.२०१९

शिष्टाचार

ताकत तोडें
तमीज से जुड़ते
रिश्ते-नाते
©आरती परीख ४.७.२०१९

अहंकारी

मान सम्मान
अहं बढाते चले
अकेली जान
©आरती परीख २.७.२०१९

गरीबी

बढाता गया
खाली पेट का बोज
पाँव के छाले
©आरती परीख १.७.२०१९

मोह

चैन छीन ले
धनवान लोगों से
धन का मोह
©आरती परीख १.७.२०१९

मेघ सवारी

मेघ मल्हार
टला धूप कहर
गाँव शहर
©आरती परीख १.७.२०१९