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राज

न तीर से,
न तलवार से,
न तेवर से,
हमें तो..
सबके ❤ में
राज करना है;
संस्कार से,
सभ्यता से,
सरलता से।
©आरती परीख १६.१.२०१९

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देखते रहो..

साल तो बदल गया..
चलो,
अब
सालभर
अपने ही
लोगों को
बदलते हुए देखते है!
🤔🤔
~आरती परीख

शीत ऋतु

धूप के गाँव
लड़खड़ाते हुए
शीत के पाँव
~~
शीत प्रकोप
बर्फ कंबल ओढ़े
पहाड़ी खड़ी
~~
शीत लहर
सूरज सुलगाए
धूप अंगीठी
~~
नम्र हो चले
सूरज के तेवर
शीत लहर
~~
शीत लहर
पौधों पर नाचती
कच्ची सी धूप
~~
डाल डाल पे
श्वेत मोती परोये
शीत लहर
~~
क़ातिल हवा
ठिठुरती धरती
शीत आंगन
~~
मनभावन
आंगन में नाचती
शिशिर धूप
~~
शिशिर रात
चांदनी की चमक
ओंस चुराये
~~
सूरज ढला
जोश में आ गई
शीत लहर
~~
शीत लहर
श्वेत कंबल ओढ़े
धरती मैया
~~
शीत ॠतु में
सब की पहली चाह
धूप चादर
~~
शिशिर धूप
शीत लहरों संग
रेत में खेले
~~
कभी तपना
कभी है ठिठुरना
कैसी है धूप?!
~~
तन को प्यारी
आँगन में खेलती
जाड़ें की धूप
~~
धूप सवारी
खेत पर्बत गाँव
कोहरा भागा
~~
मोती सा व्हेम
दूर्वा पे बेठी ओंस
धूप पिगाले
~~
पेड़पौधों पे
शीत मारता चाँटे
धूप ममता

~~

धूंध से घिरे
शहर गांव गली
रवि निस्तेज

© आरती परीख

डायरी

रंगीन यादें
डायरी में संभाले
काली सी शाही
© आरती परीख १२.१२.२०१८

अंदाज़

अपने
अंदाज़ से
कुछ कुछ
नजर अंदाज़
करते गए…

मजेदार
हो गई…

यही जिंदगी।

Think Positive

बदला नहीं पर बदलाव के बारे में सोचते है,
चलो; हर एक संबंध में कुछ अच्छा खोजते है।
©आरती परीख

जिंदा है..

ठोकर खाये,
गिरना..
उठना..
फिर से,
चलते ही रहना..
“जिंदा है।”
_पूरवार करने का
यही है
सबूत!
©आरती परीख २७.११.२०१८