Archive | February 19, 2022

प्यार-इश्क़-महोब्बत

प्यार करनेवाले कभी सोचते नहीं,
सोच सोचकर प्यार होता ही नहीं!!


सनमम हरजाई नज़रों से ऐसा जाम पीला गये,
हमारै अंगअंग में पगली प्रित अगन जला गये।


नज़रें टकराई, इजाज़त मिल गई,
प्यार समझा था, इबादत बन गई!


​जबजब जो भी मीला प्यार से कबुल कीया,
बुलबुलने अपनेआप को पिंजरमें कैद कीया !!


​हमारे अपने ही हमें सबसे ज्यादा सताते हैं,
पराये तो जूठा प्यार आसानी से जताते हैं!


हवा के झोंके की तरह ही हम आजाद जीव,
प्यार महोब्बत से मिलना जुलना अपनी नीव!


जबसे अपने-आप से प्यार करने लगे,
अजनबी भी प्यार से गले मिलने लगे!

✍️आरती परीख