Archive | January 22, 2021

सर्द हवाएं

चूमती फिरें-
कातिल सर्द हवा

गाल गुलाबी

~~

कातिल हवा

बिना फूंके सिगार-

मुँह से धुआं

~~

शिशिर रात

दहशत दे फिरें-

कातिल हवा

~~

कातिल हवा

चकनाचूर करें-

रवि का अहं

~~

आलस्य देती-

आंगन में नाचती

कातिल हवा

©आरती परीख २२.१.२०२१