Archive | December 2020

સંઘર્ષ

એકાંતમાં દર્પણમાં જાતને નિહાળી; ત્યારે ખબર પડી,
જમાના સામે જંગ જીતવા; કેટલાં મહોરાં પ્હેરી લડી!
©આરતી પરીખ ૨૩.૧૨.૨૦૨૦

भीतर

अंतर हुआ
अपनेआप खुले
अंतर द्वार

અંતર થતાં
આપોઆપ ખુલી ગ્યા
અંતર દ્વાર
_આરતી પરીખ ૨૦.૧૨.૨૦૨૦

*अंतर = Distance, भीतर

अकथित

चमक रहे
अनकहे अल्फाज
अश्रु बूंदों में
_आरती परीख १४.१२.२०२०

कोहरा

शीत मध्यान्ह*
रवि नींद से जागा
कोहरा भागा

  • आरती परीख १३.१२.२०२०

*दिन के चार प्रहर- पूर्वान्ह, मध्यान्ह, अपरान्ह और सायंकाल।
रात के चार प्रहर- प्रदोष, निशिथ, त्रियामा एवं उषा।

एक प्रहर तीन घंटे का होता है। सूर्योदय के समय दिन का पहला प्रहर प्रारंभ होता है जिसे पूर्वान्ह कहा जाता है। दिन का दूसरा प्रहर जब सूरज सिर पर आ जाता है तब तक रहता है जिसे मध्याह्न कहते हैं।

इसके बाद अपरान्ह (दोपहर बाद) का समय शुरू होता है, जो लगभग लगभग ४ बजे तक चलता है। ४ बजे बाद दिन अस्त तक सायंकाल चलता है। फिर क्रमश: प्रदोष, निशिथ, त्रियामा एवं उषा काल।

सांझ

स्वर्णिम धूप
पश्चिम में बिखरी
मुस्काई सांझ

वायव्य* हवा
ओढ सर्द चूनर
ढलती सांझ
_आरती परीख ११.१२.२०२०

*वायव्य दिशा से हवा का वेग ज्यादा होता है जो कि आपके लिए फायदेमंद भी सिद्धि हो सकता है और नुकसान दायक भी। गर्मी के दिनों में यह फायदेमंद होगा और सर्दी के दिनों में नुकसान दायक।

Foodie

उडा ले गई
डाईटिंग के ख्बाब
खानें कि खुश्बू
– आरती परीख १०.१२.२०२०

ईर्ष्यालु

निगल गई
क्षितिज की लालीमा
बैरन निशा
©आरती परीख १०.१२.२०२०

स्मित

होठों पे बेठी
मुसीबत को टालें
मीठी मुस्कान
_आरती परीख १.१२.२०२०