Archive | March 11, 2020

तन्हाई

झुरियां पड़ी
तन्हाई की सरिता
आंखों से बही


तन्हा सा मन
उमड़ पड़ी यादें-
उदासी लिए


ये तन्हाईयां
ले आई नजदीक
हमें हम से


चुगने आते
हमारी तन्हाईयाँ
यादों के पंछी


मौन मातम
हरपल मनाया
तन्हा जिंदगी
© आरती परीख

रिश्ते नाते

अपनेआप
दिल में घुस बैठे
करीबी रिश्तें


ताकत तोडें
तमीज से जुड़ते
रिश्ते-नाते


आपसी रिश्ते
संभालकर रखें
चुप्पी की चाप


रिश्ते बिछड़े
गले लग गई है
उनकी यादें


नसीबवर
लम्हें बांटते फिरे
अमीर रिश्ते


जीवन थाल
रिश्ते तोड़े सँवारे
शब्द जायका


सुकून छिने
इर्द-गिर्द घूमते
खोखले रिश्ते


बोझिल रिश्ते
सैलाब उमड़ता
मन सागर


कंक्रीट वन
हरियाली निगले
रिश्ते बिछड़े


रिश्तें-नातें
तोडने में माहिर
गिला-शिकवाँ


भीड ही भीड
भिड गए रिश्ते भी
अकेली जान


जीवन रेल
जुड़ते या छूटते
दिलेरी रिश्ते


छूटे न तूटे
अजीब कश्मकश
लहू के रिश्ते


रिश्ते चहके
ठंडी गर्म महकें
काफ़ेटेरिया


जिंदा रखती
बोलती शिकायतें
दिल के रिश्ते


जुड़ के रखें
अनगिनत रिश्ते
मीठे दो बोल


कभी भी डूबे
शंका आरोपों भरी
रिश्तों की नौका


तकदीर से
रिश्ते और फरिश्ते
अपने हिस्से


संध्या काल
मतलबी वो रिश्ते
अस्त हो गए


खामोशियों से
जीवनभर टिके
पेचीदे रिश्ते
©आरती परीख