यादें

उड़ा न सकी
यादों के सूखें पत्तें
तेज हवाएं
*****
पन्नों में दबी
गुलाब पंखुड़ियां
यादें सुहानी
*****
छलक पड़े
नयन गुल्लक से
यादों के सिक्के
*****
दिन-ब-दिन
जीवन में घुलता
याद ज़ायका
*****
वो चल दिए
जानलेवा हो गई
उनकी यादें
*****
उछल रहा
यादों का समंदर
मन भीतर
*****
महक उठी
बरखा रानी संग
यादें सुहानी
*****
खिलखिलाती
कलियाँ ये वादियाँ
प्यारी यादों में
*****
चुगने आते
हमारी तन्हाईयाँ
यादोंके पंछी
*****
जाड़े की रात
गर्माहट भरता
याद कम्बल
*****
होता ही चला
दैनंदिन तीक्ष्ण
यादों का शस्त्र
*****
अमर यादें
तरो-ताजा ही रखें
सूखा गुलाब
*****
जवान यादें
मजबूत सहारा
बूढ़ी हो जान
*****
संभाले हुए
पलकें बिछा कर
यादों के मोती
*****
अँधेरी रात,
टमटमाने लगे
यादों के दीप
*****
तुलसी क्यारी
मुरझाई हुई सी
मां की याद में
*****
सूखा गुलाब
तरो-ताजा रखेगा
हमारी यादें
*****
चुगने आते
हमारी तन्हाईयाँ
यादोंके पंछी
©आरती परीख

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