Archive | April 26, 2017

संवाद

खुद ही बोलते रहे..

अंत में

हमें कहे,

“कान पक गए

आंखों से संवाद करो!”

_ आरती परीख २६.४.२०१७ 

अदा

आराम फरमानेकी एक खास अदा होती है,

वरना; ये सारी दुनिया हमसे खफा होती है!

_ आरती परीख २६.४.२०१७

गिला शिकवा

बिछड़े कैसे?!

मिलन की तलप

बढाते गए

गिला शिकवा

लड़ाई झगड़ा..!!

_ आरती परीख २६.४.२०१७